इस गाने में एक बोल थे उस पे सेन्सॉर बोर्ड को आपत्ती होने की वजह से यह खूबसूरत गाना कभी भी लोगोंके सामने नही आया वह बोल थे "फीफी"
मेरे हिसाब से फी फी को फिफ्टी कर दिया जाता तो भी गाने का मजा खराब न होता और फिल्माया हुआ यह खूबसूरत गाना भी लोगोंको देखने को मिलता
गाना / Title: लेके पहला पहला प्यार - leke pahalaa pahalaa pyaar
चित्रपट / Film: सी.आय.डी. - C.I.D.
संगीतकार / Music Director: ओ. पी. नय्यर-(O P Nayyar)
गीतकार / Lyricist: मजरूह सुलतान पुरी-(Majrooh)
गायक / Singer(s): आशा भोसले-(Asha), Rafi, Shamshad
इस गाने की खासियत यह है की यह गाना रिकॉर्ड तो एक समय पर किया गया है. लेकीन फिल्म में दो हिस्सोंमें काट कर फिल्मायां गया है |
Part 1:
Part 2:
लेके पहला पहला प्यार भरके आँखों मैं खुमार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
उसकी दीवानी हाय कहूँ कैसे हो गई
जादूगर चला गया मैं तो यहाँ खो गई
नैना जैसे हुए चार
गया दिल का क़रार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
तुमने तो देखा होगा उसको सितारों
आओ ज़रा मेरे संग मिलके पुकारो
दोनो होके बेक़रार
ढूँढे तुझको मेरा प्यार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
जब से लगाया तेरे प्यार का काजल
काली काली बिरहा की रतियां हैं बेकल
आजा मन के श्रृंगार
करे बिन्दिया पुकार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
मुखड़े पे डाले हुए ज़ुल्फ़ों की बदली
चली बलखाती कहाँ रुक जा ओ पगली
नैनों वाली तेरे द्वार
लेके सपने हज़ार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
चाहे कोई चमके जी चाहे कोई बरसे
बचना है मुश्किल पिया जादूगर से
देगा ऐसा मन्तर मार
आखिर होगी तेरी हार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
सुन सुन बातें तेरी गोरी मुस्काई रे
आई आई देखो देखो आई हँसी आई रे
खेले होठों पे बहार
निकला गुस्से से भी प्यार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार ...
ओ. पी. नैय्यर (ओंकार प्रसाद नैय्यर) (16 जनवरी 1926 - 27 जनवरी 2007) हिन्दी फिल्मों के
एक प्रसिद्ध संगीतकार थे जो लाहौर में पैदा हुए थे तथा अपने चुलबुले संगीत
के लिये जाने जाते थे।
ओ पी नैय्यर ने अपना फिल्मी सफर शुरू किया १९४९ में कनीज फिल्म में पार्श्व संगीत के साथ। इसके बाद उन्होंने आसमान (१९५२) को संगीत दिया। गुरुदत्त की आरपार (१९५४) उनकी पहली हिट फिल्म थी। इसके बाद गुरुदत्त के साथ इनकी बनी जोड़ी ने मि्स्टर एडं मिसेज ५५ तथा सी आई डी जैसी फिल्में दीं। नैय्यर मेरे सनम में अपने संगीत को एक नयी ऊंचाईयों पर ले गए जब उन्होंने जाईये आप कहाँ जायेंगे तथा पुकारता चला हूं मैं जैसे गाने दिये। उन्होंने गीतादत्त, आशा भोंसले तथा मों रफी के साथ काम करते हुए उनके कैरियर को नयी ऊंचाईयों पर पहुंचाया। उन्होंने कभी लता जी के साथ काम नहीं किया।
इस ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास रहेगा के ओ.पी. साहब के सारे मशहूर गाने उनके चाहनेवालोंको दे सकूं